Dasahari aam

दसहरी आम

दशहरी आम भारत की सबसे प्रसिद्ध और अधिक मांग वाली आम की किस्मों में से एक है। यह अपने मीठे स्वाद, सुगंध, पतली गुठली और रेशारहित गूदे के लिए जाना जाता है। इसकी बाजार में हमेशा अच्छी मांग रहती है, जिससे किसानों को बेहतर लाभ प्राप्त होता है। उचित देखभाल और आधुनिक तकनीकों के साथ इसकी खेती अत्यंत लाभदायक सिद्ध होती है।

  1. दशहरी आम की खेती के लिए दोमट एवं बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था होना आवश्यक है।
  2. पौध रोपण के लिए मिट्टी का pH मान 5.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए, जिससे पौधों का विकास और उत्पादन अच्छा होता है।
  3. दशहरी आम का पौधारोपण जुलाई से अगस्त के मानसून मौसम में सबसे उपयुक्त माना जाता है। सिंचाई की सुविधा होने पर अन्य मौसम में भी रोपण किया जा सकता है।
  4. दशहरी आम के फल मध्यम आकार के, अत्यंत मीठे, रेशारहित और सुगंधित होते हैं। यह किस्म सामान्यतः जून से जुलाई के बीच पककर तैयार हो जाती है।
  5. बाजार में दशहरी आम की कीमत सामान्यतः ₹40 से ₹80 प्रति किलोग्राम तक रहती है। अच्छी गुणवत्ता वाले फलों की कीमत इससे अधिक भी मिल सकती है।
  6. पौधों की रोपाई 10×10 मीटर (लगभग 33×33 फीट) या 12×12 मीटर की दूरी पर करनी चाहिए। एक एकड़ में लगभग 100–120 पौधे लगाए जा सकते हैं।
  7. उचित देखभाल, समय पर सिंचाई, संतुलित खाद एवं रोग-कीट नियंत्रण के साथ किसान प्रति एकड़ ₹4 लाख से ₹8 लाख या उससे अधिक की आय प्राप्त कर सकते हैं। वास्तविक आय उत्पादन और बाजार भाव पर निर्भर करती है।